दोस्तों! होली का त्योहार नजदीक है, और इस रंगों के त्योहार में Gulal का अपना एक अलग ही महत्व है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बाजार में मिलने वाले गुलाल में केमिकल्स और मिलावट हो सकती है, जो आपकी त्वचा और सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं? इसलिए, इस बार होली पर हम आपको एक खास टिप्स दे रहे हैं – घर पर ही इको-फ्रेंडली गुलाल बनाने का। यह न सिर्फ सुरक्षित है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी अच्छा है। तो चलिए, जानते हैं कि कैसे आप पालक, हल्दी और चुकंदर जैसे प्राकृतिक सामग्री का इस्तेमाल करके घर पर ही गुलाल तैयार कर सकते हैं।
क्यों जरूरी है Eco-Friendly Gulal?*
आजकल बाजार में मिलने वाले गुलाल में केमिकल्स और हानिकारक रंगों का इस्तेमाल किया जाता है। ये रंग न सिर्फ त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं, बल्कि पर्यावरण के लिए भी खतरनाक होते हैं। इन रंगों से त्वचा में एलर्जी, खुजली, और अन्य समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा, ये रंग पानी को प्रदूषित करते हैं और मिट्टी की उर्वरता को भी नुकसान पहुंचाते हैं।
इसलिए, इस बार होली पर हम आपको प्राकृतिक और इको-फ्रेंडली गुलाल बनाने की विधि बता रहे हैं। यह गुलाल न सिर्फ सुरक्षित है, बल्कि इसे बनाना भी बहुत आसान है।
हरे रंग का गुलाल बनाने की विधि*
हरा रंग प्रकृति का रंग है, और इसे बनाने के लिए हम पालक का इस्तेमाल करेंगे। पालक न सिर्फ सेहत के लिए अच्छा है, बल्कि इससे बना गुलाल भी बहुत सुरक्षित और प्राकृतिक होगा।
सामग्री:-
- पालक के पत्ते – 2 कप
- कॉर्न फ्लोर (मक्के का आटा) – 1 कप
- पानी – आवश्यकतानुसार
बनाने की विधि:-
- सबसे पहले पालक के पत्तों को अच्छी तरह धो लें।
- पालक के पत्तों को मिक्सर में पीसकर एक महीन पेस्ट तैयार कर लें।
- अब इस पेस्ट को एक बड़े बर्तन में कॉर्न फ्लोर के साथ मिलाएं। ध्यान रहे कि मिश्रण बहुत गीला न हो।
- इस मिश्रण को एक साफ ट्रे में फैला दें और इसे धूप में 1 घंटे के लिए सूखने दें।
- सूखने के बाद मिश्रण को हाथों से मसलकर छलनी से छान लें।
- छानने के बाद आपका हरा गुलाल तैयार है। इसे एक एयरटाइट कंटेनर में स्टोर करें।

लाल गुलाल बनाने की विधि*
लाल रंग (Red Colour) होली का सबसे लोकप्रिय रंग है, और इसे बनाने के लिए हम चुकंदर का इस्तेमाल करेंगे। चुकंदर न सिर्फ रंग देता है, बल्कि यह त्वचा के लिए भी फायदेमंद है।

सामग्री:-
- चुकंदर – 2 मध्यम आकार के
- कॉर्न फ्लोर – 1 कप
- पानी – आवश्यकतानुसार
बनाने की विधि:-
- चुकंदर को छीलकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें।
- इन टुकड़ों को मिक्सर में पीसकर रस निकाल लें।
- चुकंदर के रस को कॉर्न फ्लोर में मिलाएं और एक गाढ़ा मिश्रण तैयार करें।
- इस मिश्रण को एक ट्रे में फैलाकर धूप में 1 घंटे के लिए सूखने दें।
- सूखने के बाद मिश्रण को हाथों से मसलकर छलनी से छान लें।
- छानने के बाद आपका लाल गुलाल तैयार है। इसे एक एयरटाइट कंटेनर में स्टोर करें।
पीला गुलाल बनाने की विधि*
पीला रंग (Colour) उत्साह और खुशी का प्रतीक है, और इसे बनाने के लिए हम हल्दी का इस्तेमाल करेंगे। हल्दी न सिर्फ रंग देती है, बल्कि यह त्वचा के लिए भी बहुत फायदेमंद है।

सामग्री:-
- हल्दी पाउडर – आधा कप
- कॉर्न फ्लोर – 1 कप
- पानी – आवश्यकतानुसार
बनाने की विधि:-
- एक बड़े बर्तन में हल्दी पाउडर और कॉर्न फ्लोर को मिलाएं।
- अब इसमें थोड़ा-सा पानी डालकर एक गाढ़ा मिश्रण तैयार करें।
- इस मिश्रण को एक ट्रे में फैलाकर धूप में सुखाएं।
- सूखने के बाद मिश्रण को हाथों से मसलकर छलनी से छान लें।
- छानने के बाद आपका पीला गुलाल तैयार है। इसे एक एयरटाइट कंटेनर में स्टोर करें।
इको-फ्रेंडली गुलाल के फायदे-
- त्वचा के लिए सुरक्षित: यह गुलाल प्राकृतिक सामग्री से बना होता है, जो त्वचा के लिए बिल्कुल सुरक्षित है।
- पर्यावरण के लिए अच्छा: इसमें केमिकल्स नहीं होते, जिससे यह पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाता।
- किफायती: घर पर बना गुलाल बाजार के गुलाल से सस्ता होता है।
- आसानी से उपलब्ध सामग्री: इसे बनाने के लिए जरूरी सामग्री आसानी से घर पर मिल जाती है।
होली खेलते समय ध्यान रखने योग्य बातें*
- आंखों का ख्याल रखें: Gulal खेलते समय आंखों में न जाने दें। अगर गुलाल आंखों में चला जाए, तो तुरंत ठंडे पानी से धोएं।
- प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल करें: केमिकल युक्त रंगों से बचे
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निष्कर्ष
Holi रंगों और खुशियों का त्योहार (Festival) है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम अपनी सेहत और पर्यावरण को नजरअंदाज कर दें। इस बार होली पर घर पर बने इको-फ्रेंडली गुलाल का इस्तेमाल करें और इस त्योहार को सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाएं। यह न सिर्फ आपके लिए अच्छा है, बल्कि आपके आसपास के लोगों और प्रकृति के लिए भी फायदेमंद है।
तो फिर देर किस बात की? इस Holi पर पालक, हल्दी और चुकंदर से बने गुलाल के साथ रंगों की बौछार करें और इस त्योहार (Festival) को यादगार बनाएं।






